Thursday, February 4, 2016

भगवान का अवतार प्रकट हो गया है

                                      भगवान का प्रकट होना
               भगवान अपनी माया, महामाया अपनी दिव्य शक्तियों, और दिव्य गुणों को अधिष्टित करते हुए ( धारण करते हुए ) अपनी समस्त सत्ता को अपने वश में किये हुए, अपने अति सुन्दर, दिव्य, मायावी, मोहनी, साकार रूप, " मानुषं-रूपं " में इस अद्धभुत पवित्र धरा पर, इस अति सुन्दर सृष्टि में हम सब के बीच में प्रकट हो चुके हैं।
       अध्यात्मिक सत्य्


                                                            दास अनुदास रोहतास

* Autobiography & Search of Truth By Avtari Purush Rohtas..PDF *

Autobiography
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Search Of Truth


In Honour of Humanity



                          Das Anudas Rohtas.   

Thursday, January 28, 2016

निराकार और साकार रूप का अनुभव

                       ध्यान में निराकार और साकार दोनों रूपों में सच्चिदा्नन्द भगवान श्री कृष्णा २-१५am, 27-1-16 को internal divine universe में बहुत सुन्दर दर्शन हुए, जैसा निचे दर्शाया गया है।
     

                                          दास अनुदास रोहतास

Friday, January 22, 2016

* अवतारी पुरुष रोहतास की आत्मकथा *

                                         आत्म-कथा
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                                                 दास अनुदास रोहतास

EXISTENCE OF THE GOD

                          Existence Of God
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                                          Das Anudas Rohtas

Monday, January 18, 2016

महाकाल प्रभू जी के दर्शन ध्यान में

                   महाकाल प्रभू जी के दर्शन
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                      महाकाल प्रभू जी की असीम कृपा से ध्यान में २-३० स्वेरे १५-१-२०१६ को जब हम ध्यान की मुद्रा मे बैठे थे महाकाल प्रभूजी के internal divine universe में अन्तर्मुख होते हुए बहुत ही अद्धबुत दर्शन हुए। हम अवलोकन कर रहे हैं कि कुछ रूहें (जिवात्माऐं) लाइन में खडी हैं और बारी-बारी सामने बहुत गहरे cave स्थान पर बैठे महाकाल प्रभू जी जिनका काले रंग का चमकीला शरीर है में प्रवेष कर रहे हैं और स्वेंय automatically बाहर आ- जा रही हैं बहुत अद्धभुत देखने में अति सुन्दर, क्या सुन्दर दिव्य लीला भगवान ने अवलोकन करवाई हमने जीवन में एसी कल्पना भी न की होगी जिसे हम एक चित्र के दू्ारा निचे दर्शाने की कोशिस कर रहे हैं
                     ध्यान रहे, यह " चेतन्न्य महाप्रभु जी हैं " जो काले कसौटी जैसे अति पवित्र शरीर जो दिखाई भी नही देता निरविकार स्याकाला चमकीला कांच के समान पारदर्शी यह देव अधिदेव हैं केवल देवता ही अवलोकान करने की शक्ति रखते हैं यह पूर्ण चेतन्न्य हैं। यहां पर केवल पवित्र जिवात्माओं का ही आवागमन होता है हमें अपने "कारण" शरीर से जो चेतनमय शरीर है महाकाल प्रभू के पास  जाने का शुभ अवसर मिला है तभी मालिक की यह विशेष दुर्लभ कृपा हुइ है।


                                              दास अनुदास रोहतास

Wednesday, December 23, 2015

सूक्षम से अनेक सूक्षमों का प्रकट होना

                    सूक्षम से अनेक सूक्षम प्रकट होना
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                 मालिक की कृपा होने पर जब कृपा पात्र ध्यान की मुद्रा में होते हैं सूक्षम बिन्द् , परम तत्व, जो कि दिव्य परम शक्ति होती है, अन्तर्मुख होते हुए, Internal Divine Universe में, एक से अनेक दिव्य तत्व  Divine -  Dot प्रकट होते हुए अवलोकन कर सकते हैं जो मालिक कि विशेष दिव्य क्रिया है जो युग युगान्तर के बाद विशेष समय मे विशेष परम भग्त को बिशेष कृपा होने पर प्रकट होती है जैसा कि निचे दिये गये चित्र में दर्शाया गया है। यह 2-10 am, 23 Desember, 2015 का अनुभव हुआ। यही दिव्य सूक्षम तत्त्व से अनेक दिव्य सूक्षम तत्व का प्रकट होना  ही है जो क्रिया त्रेता युग में पुरुषोत्तम अवतार श्री राम जी के समय व अन्य मायावी व महापुरुषों दू्ारा इस दिव्य क्रिया शक्ति का प्रयाग हुआ तथा दू्ापरयुग में परम अवतार श्री कृष्णा जी, जो उस समय के विशेष परम तत्व के अवतार (मालिक) थे और आज भी हैं तथा अपनी माया दू्ारा , इस क्रिया का सद्-उपयोग कर घर- घर में प्रकट हो दिव्य लीला अवलोकन करवा सभी गोप गोपनियों एवं अपने परम भग्तों पर विशेष कृपा कर दिव्य अध्यात्मिक ज्ञान की अनुभूती करवाई, घर घर में कनैया अपनी दिव्य माया शक्ति से नजर आये, वह यही दिव्य तत्व क्रिया दू्ारा की गई अनुभूति थी। हो सकता है अब भी इस विशेष एक तत्व से अनेक तत्व में कही प्रकट होने की क्रिया की आवश्यकता पडती हो, क्योंकि भगवान ने अवतार धारण कर लिया है और वह अपने वास्तविक साकार रूप में प्रकट हो भी चुके हैं।
अध्यात्मिक सत्य:-


                        दास अनुदास रोहतास