Thursday, October 19, 2017

WHENEVER LORD KALKI AVATAR WILL APPEARED ?

Que:-Suresh Nama---अध्यात्तम सागर प्रसन्नोत्तरी-शंका समाधान 
           Facebook 19-10-17

         

       
Ans:- By Rohtas

नमस्कार जी,
               श्री मान जी, अनन्य भग्ति कर गुणातीत हो अर्थात दिव्यता को अनुभव करने की योग्यता हो जाने पर और प्रभू कृपा हो जाने पर, आपको भगवान के अवतरित होने का भास अवश्य हो जाएगा। भगवान तो नित्य प्राप्त हैं केवल उन्हें अनुभव करना होता है। भगवान अमर हैं Immortal हैं और हर रूप में जहां चाहें, वहां, प्रकट होने की क्षमता रखते हैं। 
             जहां तक कल्की भगवान के अवतर्ण की बात है परम पद्ध अमर है वह कोई पैदा होने वाला शरीर नहीं वह तो एक immortal Divine Power जब चाही प्रकट हो गई या यूं कहिये जब भी कोई भौतिक शरीर प्रभू भग्ति करता हुआ गुणातीत हो जाता है, प्रभू कृपा होने पर दिव्य गूण, दिव्य शक्तियां, Automatically incarnated in that virtuless free body . वैसे भी कृष्णा  ने दवापर में श्रीमद्धभागवत गीता अध्यन-४-शलोकां-७-८ अनुसार घोषणा की हुई है जब जब पाप बडता है धर्म की हानी होती है और साधू समाज का शोषण होता है तब तब मैं धर्म को पुन: अच्छी तरह स्थापना करने के लिये पाप कर्मियों का विनास कर सत्य धर्म को अच्छी तरह से स्थापित कर, सभ्य समाज की रचना करने हेतू, इस पवित्र धरा पर अवतरित होता हूं।
           सो भगवान अपने अति सुन्दर, मनोहारी, सरल, साकार, मोहनी रूप ,* मानूषं रूपं * दिव्य रूप में, साक्षात इस पवित्र धरा पर, इस सुन्दर सृष्टि में, सन् 1996 में, अपने दिये गये कथनानुसार, प्रकट हो चुके हैं। अब यह नहीं पता यह कलकि हैं या कोई ओर हैं, इसका निर्णय तो धर्म के ठेकेदार या यह सनातन समाज ही करेगा जो पहले से करता आया है।  भगवान प्रकट हो चुके हैं। हमने जो नाम दिया है वह निम्न है-

                              * मोतियों वाली सरकार *

              " जाकी रही भावना जैसी प्रभू मूर्त देखीं तिन तैसी, "
              " जाकी रही भावना जैसी प्रभू मूर्त दीखे तिन तैसी। "
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                   * जिन खोजा तिन पाया, गहरे पानी पैठ, *
                   * मैं  बपुरा बूढन डरा   रहा  किनारे  बैठ। *

                                                 दास अनुदास रोहतास

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